काश तुम्हे पता होता


काश तुम्हे पता होता , किस इम्तहान से गुजर रहे है हम
काश तुम्हे पता होता , हर घड़ी ही तो मर रहे  है हम.
मेरे दिल को खुष्क समझने वाले ..
काश तुम्हे पता होता , किस दर्द से होके  गुजर रहे है हम.

नया नही सदियों का है , जिस रिश्ते की हम दुहाई है देते
इसलिए  हर पल ही शायद , आंखों के हम मोती खोते ..
काश तुम्हे इल्म भर होता , खोये मोती फलक पर ठहरे..
तुमसे मिलने की आशा मैं , हमसे गद्दारी कर बैठे ..

चार किताबे तुमने पढ़ ली , काश हमे भी ऐसे ही पढ़ लेते ...
जो कभी न बोला  जुंबा से हमने , आंखो से तुम उसको सुन लेते.
काश ये दूरी कुछ कम हो जाती , मेरी रेखाएं सम जो जाती..
तो तुमको अपना समझ के हम भी , दुनिया वालो से इतर

Comments

Popular posts from this blog

smile please..... beewee ka naukar

history of love